हम सभी बच्चे हो या बूढ़े बीरबल की कहानियां और चतुराई के किस्से तो तक सभी को पसंद है। बीरबल एक ऐसा ऐतिहासिक नाम है जिस न तो लोग आज तक भूले हैं न आगे भुला पाएंगे। बीरबल अकबर के नो रत्नो मे से एक था और सबसे प्रिय था। वो भी अपनी बुद्धि और चतुराई के कारण ।इन दोनों की कहानियां आज भी बहुत प्रसिद्ध है ।इन दोनों पर तो बहुत सारे नाटक बने है और कहानियां भी लिखी गयी है।
पर क्या सभी जानते है इस बुद्धिमान बीरबल का अंत कैसे हुआ। कैसे अकबर के एक फैसले ने बीरबल को मौत की नींद सुला दिया। बीरबल इतने बुद्धिमान थे की अकबर ने उनसे प्रसन हो के वजीर से राजा बनाने का निर्णय कर लिया ।अकबर ने आधे से ज्यादा कांगड़ा को युद्ध कर और बीरबल को वहां का राजा बना दिया। इसलिए कई साहित्यकारों ने बीरबल को राजा कह कर भी सम्भोधित किया है।
अकबर ने बीरबल को उपहार मे एक सेना की टुकड़ी भी दी। उसी समय अफगानों ने बहुत आतंक फैला रखा था। भुखमरी हर जगह फैली हुई थी। तभी अकबर ने चयन खान को सेना लेकर उनसे युद्ध करने भेजा पर अफगानियों से जीत पाना उनकी उम्मीद से भी दूर था ।अफगानी के लिए पहाड़ो मे चढ़ना दांये हाथ का खेल था पर मुग़ल सेना इन सब से अनजान थी। अफगानियों ने बहुत सारे मुगलो को मार गिराया ।अब चयन खान ने एक युक्ति सोची और अकबर को एक पत्र लिखा जिसमे उसने यह झूठ बोला की वो युद्ध जीतने वाले है। बस उन्हे एक सेना टुकड़ी की ज़रूरत है ।इस बार बीरबल ने खुद जाने का आग्रह किया तो अकबर मना नहीं कर पाए पर किसी ने यह नहीं सोचा की बीरबल बुद्धिमान तो बहुत थे पर युद्ध नीतियों का उन्हे कोई जानकारी थी। बीरबल के साथ फ़तेह खान भी था।
वहां जाकर चयन खान ,फ़तेह खान और बीरबल तीनो मे मतभेद हो गए ।कोई किसी की बात नहीं मानता था। बीरबल ने युकती बनाई पर किसी ने मानी नहीं ।फिर बीरबल अपनी सैना टुकड़ी लेकर निकल पड़े पर जहां पर उन्होने रात को ठहरना था वही पर मुगलो की सेना ने रात को वार कर दिया और सारी सेना इधर -उधर भाग गयी ।पर बीरबल लड़ता रहा इसी दौरान बीरबल को किसी मुग़ल ने तीर मार दिया और वक़्त पे सहायता ना मिलने के कारण बीरबल की मौत हो गयी और तो और उसकी लाश ना मिलने के कारण उसका अंतिम संस्कार भी न हो पाया। जब अकबर को ये बात पता चली वो तो गुमसुम सी हो गया।कहा जाता है की उन्हे इस बात से उभरने मे काफी दिन लग गए किसी ने सोचा भी नहीं था बीरबल जैसे बुद्धिमान व्यक्ति का अंत ऐसे होगा।
पर क्या सभी जानते है इस बुद्धिमान बीरबल का अंत कैसे हुआ। कैसे अकबर के एक फैसले ने बीरबल को मौत की नींद सुला दिया। बीरबल इतने बुद्धिमान थे की अकबर ने उनसे प्रसन हो के वजीर से राजा बनाने का निर्णय कर लिया ।अकबर ने आधे से ज्यादा कांगड़ा को युद्ध कर और बीरबल को वहां का राजा बना दिया। इसलिए कई साहित्यकारों ने बीरबल को राजा कह कर भी सम्भोधित किया है।
अकबर ने बीरबल को उपहार मे एक सेना की टुकड़ी भी दी। उसी समय अफगानों ने बहुत आतंक फैला रखा था। भुखमरी हर जगह फैली हुई थी। तभी अकबर ने चयन खान को सेना लेकर उनसे युद्ध करने भेजा पर अफगानियों से जीत पाना उनकी उम्मीद से भी दूर था ।अफगानी के लिए पहाड़ो मे चढ़ना दांये हाथ का खेल था पर मुग़ल सेना इन सब से अनजान थी। अफगानियों ने बहुत सारे मुगलो को मार गिराया ।अब चयन खान ने एक युक्ति सोची और अकबर को एक पत्र लिखा जिसमे उसने यह झूठ बोला की वो युद्ध जीतने वाले है। बस उन्हे एक सेना टुकड़ी की ज़रूरत है ।इस बार बीरबल ने खुद जाने का आग्रह किया तो अकबर मना नहीं कर पाए पर किसी ने यह नहीं सोचा की बीरबल बुद्धिमान तो बहुत थे पर युद्ध नीतियों का उन्हे कोई जानकारी थी। बीरबल के साथ फ़तेह खान भी था।
वहां जाकर चयन खान ,फ़तेह खान और बीरबल तीनो मे मतभेद हो गए ।कोई किसी की बात नहीं मानता था। बीरबल ने युकती बनाई पर किसी ने मानी नहीं ।फिर बीरबल अपनी सैना टुकड़ी लेकर निकल पड़े पर जहां पर उन्होने रात को ठहरना था वही पर मुगलो की सेना ने रात को वार कर दिया और सारी सेना इधर -उधर भाग गयी ।पर बीरबल लड़ता रहा इसी दौरान बीरबल को किसी मुग़ल ने तीर मार दिया और वक़्त पे सहायता ना मिलने के कारण बीरबल की मौत हो गयी और तो और उसकी लाश ना मिलने के कारण उसका अंतिम संस्कार भी न हो पाया। जब अकबर को ये बात पता चली वो तो गुमसुम सी हो गया।कहा जाता है की उन्हे इस बात से उभरने मे काफी दिन लग गए किसी ने सोचा भी नहीं था बीरबल जैसे बुद्धिमान व्यक्ति का अंत ऐसे होगा।


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